मुंबई की झोपड़पट्टियों पर बड़ा फैसला! 19 क्लस्टर में होगा पुनर्विकास, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
मुंबई की झोपड़पट्टियों पर बड़ा फैसला! 19 क्लस्टर में होगा पुनर्विकास
Admin User
Ajay Tiwari
मुंबई की बड़ी झोपड़पट्टियों के पुनर्विकास को रफ्तार देने के लिए 19 झोपड़पट्टियों का क्लस्टर डेवलपमेंट किया जाएगा। करीब 3,598 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस योजना के तहत लगभग 6 लाख 17 हजार 229 घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए SRA, MMRDA, म्हाडा और सिडको जैसी सरकारी संस्थाएं संयुक्त भागीदारी के साथ काम करेंगी। सरकार का उद्देश्य बड़े और लगातार फैले झोपड़पट्टी क्षेत्रों का एक साथ पुनर्विकास कर लोगों को बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पहले चरण में 3 बड़े इलाकों का चयन पहले चरण के लिए बांद्रा पूर्व का बेहरामपाड़ा, अंधेरी का मजासवाड़ी और ओशिवरा का बेहराम बाग चुना गया है। इसके अलावा जुहू गली झोपड़पट्टी के क्लस्टर पुनर्विकास को भी प्राथमिकता दी जाएगी। SRA ने वर्ष 2030 तक 5 लाख से अधिक पुनर्वास घर बनाने का लक्ष्य रखा है। 13 नवंबर 2025 से लागू समूह पुनर्विकास नीति के तहत बड़े झोपड़पट्टी क्षेत्रों को एक साथ विकसित करने की योजना है। इन इलाकों में भी बनेंगे हजारों घर वडाला-अंटॉप हिल में 352 एकड़ में 64,466 घर, देवनार में 334 एकड़ में 57,393 घर, मजासवाड़ी में 261 एकड़ में 51,425 घर और विक्रोली पार्क साइट में 371 एकड़ में 60,467 घर बनाने का प्रस्ताव है। वहीं भांडुप पश्चिम में 553 एकड़ क्षेत्र में करीब 1,02,601 घरों के निर्माण का सबसे बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। गोपीकृष्ण नगर, डहाणूकरवाड़ी, कांजूरमार्ग का टैगोर नगर, अंधेरी पश्चिम, गोवंडी रेलवे स्टेशन, ट्रॉम्बे, चेंबूर गोल्फ क्लब और लोखंडे मार्ग जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर पुनर्विकास प्रस्तावित है।क्लस्टर के रूप में पुनर्विकास से प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

